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विडियो-जंहा गूंजती थी किलकारिया, अब पसरा हे मातम वंहा,पापा मम्मी को नही पता हे की नही रहे मेरे दोनों लाल

शहजाद खान- जँहा गूंजती थी किलकारिया, अब पसरा हे मातम वहा, हर तरफ रोने चीखने चिल्लने की आवाजे आ रही थी, कोई भगवान को कोष रहा था, तो कोई इश्वर से ये मिन्नते कर रहा था की जो हुआ वो तो ठीक हे पर अब इनके परिजनों को वज्रपात सहन करने की शक्ति देना, ये द्रश्य सोमवार मक्सी के कनासिया नाके के मंगू खा के घर का था, जहा पर रविवार रात को उनके दो पोतो की एक्सीडेंट में मोत हो गई हे , और बेटा-बहु गंभीर घायल हो गए हे , 
दोनों मासूमो के शव जब शाजापुर से मक्सी आये थे, मोजूद लोगो का दिल पसीज गया और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था, माता पिता और भाइयो के घर आने के इन्तजार में बड़ी बहन नाजिया 11 हर किसी से ये पूछ रही थी में पापा मम्मी, अरमान और रिजवान कहा हे वो क्यों दिखाई नही दे रहे हे, मेरे पापा मेले से मेरे लिए खिलोने  ला रहे, लेकिन कोई उसकी बात का जवाब नही दे पा रहा थे,उस मासूम को नही पता था की उसके लिए ख़रीदे गए खिलोने अब टूट गए हे और उसके भाई उससे अब रूठ गए हे,  


ये हे मामला- रविवार की रात 8 से 9 बजे के करीब नेनावद की पुलिया से आगे मक्सी की तरफ टावर के यहाँ मक्सी से शाजापुर की और जा रहे एक ट्रक और शाजापुर से मक्सी की और आ रही एक 1109 लोडिंग गाडी में आमने सामने टक्कर हो गई जिसमे 1109 में सवार पति पत्नी गंभीर घायल हो गए थे और उनके दो बेटो की मोके पर ही मोत हो गई थी  सभी को डायल 100 के कर्मचारियों ने बहार निकाल कर अस्पताल पहुचया था,

अब किसे जायेंगे स्कुल छोड़ने– अरमान और रिजवान दोनों कनासिया नाके मक्सी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में पढते थे, रिजवान कक्षा पहली में था, और अरमान कक्षा दूसरी में था, जब जनाजा उठाने लगा तो दादी रोते हुए एक ही बात कर रही थी, अब किसे स्कुल छोड़ने जाउंगी, और किसे स्कुल से लेकर आउंगी, मेरा तो सब कुछ उजड़ गया,  

रुंधे गले से रोये लोग- जिन्हें मोहल्ले की गलियों में, घर के आंगन में और स्कुल से आते जाते समय अठखेलिया करते देखे था, आज उनका जनाजा हमारी आँखों के सामने उठा रहा हे, इस नज़ारे को देख कोई अपनी आँखों से आशु रोक नही पा रहा था, रुंधे गले से हर कोई ये कह रहा था, की हे इश्वर इन मासूमो ने तेरा क्या बिगाड़ा था, जो तूने इस आंगन को सुना कर दिया,

मामा के यहाँ मेला देखें गए थे- राजगड जिले में भेसवा माता जी के यहाँ मेला लगा हुआ हे, अरमान, रिजवान और इनकी मम्मी तीनो शनिवार को मामा के साथ मोटर सायकल से अपने ननिहाल ग्राम गुलावता गए थे, तीनो शनिवार को गुलावता पहुचे रविवार को दिनभर मेला घुमा और और इसी दिन शाम को पापा शरीफ खा जो अपनी लोडिंग गाडी से भाडा पटकने राजगड गया था के साथ खाली गाडी में खेल खिलोने लेकर वापस अपने घर मक्सी आ रहे थे, 

एक्सीडेंट के समय शरीफ ने किया था फोन- अरमान और रिजवान के दादा मंगू खा ने बताया की मेरी अपने बेटे शरीफ से बात हुई थी, की कहा तक आ गए तो उसने बताया की शाजापुर तक आ गए हे, सभी संत हमे हे , फिर थोड़ी देर बाद शरीफ का फोन आया की पापा हमारा एक्सीडेंट हो गया और शरीफ की जोर जोर से करहाने  की आवाज आ रही थी, और बहु टीना के चिल्लाने की आवाज आ रही थी, और फोन कट गया मे घबरा गया, बहार सभी को बताया और हम सीधे शाजापुर की और भागे,
   
अब घर में सिर्फ नाजिया – शरीफ और टीना  के तीन पुत्र पुत्रिया हे अरमान 9, रिजवान7, और बेटी नाजिया 10 हे  इनमे से अब दोनों बहियों की म्रतु के बाद बहन नाजिया ही घर में अकेली बची हे
 
पापा मम्मी को अभी नही बताया की नही रहे उनके लाल- इस भीषण दुर्घटना में अरमान और रिजवान की मोत हो गई हे इस बात की जानकारी अभी उनके पापा शरीफ और मम्मी टीना को नही पता हे दुर्घटना में गंभीर घायल होने के बाद रात में ही उन्हें शाजापुर जिला चिकित्सालय से इंदौर रेफर कर दिया गया था इंदौर के लाइफ लाइन अस्पताल में अभी उनका इलाज जारी हे, इलाज के बाद जब उन्हें पता चलेगा तो उनका क्या हाल होगा ये सोच-सोच कर बच्चो के दादा का बुरा हाल हे,


Shahzad Khan

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