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समाज कल्याण में मीडिया की निष्पक्ष भूमिका आवश्यक विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आद्य पत्रकार देवर्षि नारद मुनि जयंति पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन

शाजापुर। समाज कल्याण के लिए आज सकारात्मक पत्रकारिता बहुत जरूरी है, क्योंकि जब तक हम सकारात्मक नहीं लिखेंगे तब तक समाज भी नकारात्मक पहलुओं पर काम करेगा। हम हमेशा नब्बे सकारात्मक खबरों को छोडकर दस नकारात्मक खबरों पर काम करते है। समाज में बदलाव लाना है तो एक दीप सकारात्मक का जलाओं जिससेे असंख्य दीप जलकर समाज में एक नई रोशनी प्रदान करेंगे। 
ये बात वरिष्ठ पत्रकार विजय मनोहर तिवारी ने कहीं। वे रविवार को पाॅलेटेक्निक काॅलेज में विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जंयति के अवसर पर संगोष्ठि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहें थे। श्री तिवारी ने कहा कि देवर्षि नारद के बारे में जो भ्रामक जानकारी इधर-उधर लगाने की थी वह बिल्कुल गलत है। देवर्षि नारद अगर नकारात्मक खबरे परोसते तो देवता उन्हें पसंद नहीं करते। लेकिन देवता उन्हें यादकर बुलाते थे याने उनके संदेश तथ्यात्मक व सकारात्मक होते थे। आज भी हमें लोकहित के लिए सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता है। उन्होंने सच्चिदानंद भारती का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके सकारात्मक कार्य की खबर पढकर संघ के पूर्व सरसंघचालक के.सुदर्शन जी ने उनके घर जाने का फैसला किया और सच्चिदानंद जी यह कह दिया कि मै उनका स्वागत तब करूंगा कि वहां गांव में जाने वाली सडके ठीक से बने। सरकार हरकत में आई और वहां सडक बनी सुदर्शन जी वहां गए और एक दिन उनके साथ रूककर सच्चिदानंद के कार्यो की प्रशंसा की। यह सब हो पाया सकारात्मक खबर के कारण। आपकी एक सकारात्मक खबर समाज में बडा परिवर्तन कर सकती है। विचारों में शुद्धता के लिए भी सकारात्मक लेखन जरूरी है। उन्होेंने इतिहास के बारे में भी बताते हुए कहा कि हमारा इतिहास बोध शून्य है। सकारात्मक इतिहास को छिपाकर नकारात्मक इतिहास का प्रचार किया गया। मोहम्मद गजनवी ने सोलह बार भारत पर आक्रमण किया और पराजित हुआ, सतरहवी बार गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और लूटकर विजय प्राप्त की, इस विजय का इतिहास सबको पता है, लेकिन सोलह बार उसके पराजित होने वाला इतिहास हमें नहीं पता।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्टीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रान्त के प्रान्त प्रचारक डाॅ.श्रीकान्त ने कहा कि आज समाज में बहुत अच्छे कार्य हो रहें है, लकिन सकारात्मक समाचार ज्यादा स्थान नहीं बना पाते और नकारात्मक बातें ज्यादा स्थान लेती है। देवर्षि नारद के बारे में जो भ्रांतिया है वो गलत है, नारद जी लोकहित के लिए संवाद का प्रसार किया करते थे और आज उन्हीं को आदर्श मानकर पत्रकारिता करने की जरूरत है। उन्होंने कलम की ताकत के बारे में बताते हुए कहा कि पत्रकार वह है जो समाज परिवर्तन कर सकता है, इसके लिए पत्रकार को हमेशा सकारात्मक खबरे समाज को परोसना चाहिए ताकि समाज उन्नति कर सके। समाज कल्याण में मीडिया की निष्पक्ष भूमिका होना चाहिए। जो कलम किसी कीमत पर बेची नहीं गई वह मशाल की तरह उठाई जाती है। भारत देश विश्वगुरू बने इसके लिए मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्टीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक हीरालाल कसेरा ने भी संबोधित किया। 
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा देवर्षि नारद एवं भारत माता के चित्र पर मल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार सुनील नाहर, प्रेस क्लब अध्यक्ष अजयसिंह कुशवाह एवं श्रीमती चेतना शर्मा द्वारा श्रीफल देकर किया। कार्यक्रम में बडी संख्या में पत्रकार, सहित्यकार, लेखक, स्तंभकार और कविगण उपस्थित थे। अतिथि परिचय मुकेश सक्सेना ने दिया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक विजय जोशी ने किया तथा आभार जिला प्रचार प्रमुख प्रकाश धनगर ने माना। 

shahzad Khan

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