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श्री चौहान का कार्यकाल हमेशा एक स्वर्णिम दोर की तरह याद रहेगा : सरपंच निर्भय सिंह ने सहायक शिक्षक के विदाई समरोह में कहा

शाजापुर। सहायक शिक्षक मोहनलाल चौहान ने हमारे गांव से ही अपने शासकीय सफर की शुरुआत की थी और इनके इस सुनहरे सफर का समापन भी यहीं से हो रहा है। इनके मार्गदर्शन और कार्यकाल में हमारी युवा पीढ़ी ने न सिर्फ संस्कार सीखे बल्कि अपने जीवन की मजबूत नींव भी रखी है। श्री चौहान के कार्यकाल ने हम सभी को मोहित किया है और आज इन्हें हम भारी मन से विदाई तो दे रहे हैं। लेकिन इनसे यह गुजारिश है कि 30 सालों का ये यादगार सफर जारी रखें और आपका मार्गदर्शन हमें मिलता रहे। यह बात ग्राम भालूखेड़ा के सरपंच निर्भय सिंह ने ग्राम के प्रावि भालूखेड़ा के सहायक शिक्षक मोहनलाल चौहान के सेवानिवृत्ति पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही। सरपंच श्री सिंह ने कहा कि श्री चौहान पिछले 30 सालों से यहां सेवा दे रहे हैं और यह संयोग ही कहा जाएगा कि 
आज इनके आशीर्वाद से ही मैं गांव में सरपंच के पद का निर्वहन कर रहा हूं --श्री चौहान के मार्गदर्शन में ही मेरी शिक्षा पूरी हुई है और आज इनके आशीर्वाद से ही मैं गांव में सरपंच के पद का निर्वहन कर रहा हूं। आज भी मुझे कोई परेशानी आती है तो मैं इनके पास आता हूं और वे भी मुझे एक सरपंच नहीं बल्कि अपना समझकर मेरी समस्या सुलझा देते हैं। एक शिक्षक की जीवन में क्या भूमिका होती है ये मैंने चौहान सर से सीखा है। 
श्री चौहान ने हर समस्या का इन्होंने आगे रहकर समाधान किया है -- कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के एक और शिक्षक नवाब बेग मिर्जा ने कहा कि चौहान साहब ने केवल स्कूल में एक शिक्षक के रुप में ही काम नहीं किया है बल्कि इस काम को उन्होंने तन्मयता से किया है। इनकी आदत कहें या लगाव हर समस्या का इन्होंने आगे रहकर समाधान किया है और आज इनकी हमें आदत हो चुकी है।
कार्यक्रम को विशेष अतिथि जनशिक्षक दामोदर सक्सेना, जनशिक्षक सीताराम राठौर, अजयकुमार पॉल, दयाशंकर शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सभी शिक्षकों ने श्री चौहान का शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश सोनी ने किया तथा आभार शिक्षक श्री मिर्जा ने माना।


Shahzad Khan

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