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पिटारियों में बंद कोबरा भोग रहे थे यातना, वन विभाग की टीम ने छुड़वाया

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- सुबह 5 बजे कालापीपल पुलिस के साथ विभागीय अधिकारियों ने की कार्रवाई
 शाजापुर। शुजालपुर और शाजापुर वन विभाग की टीम ने कालापीपल तहसील के ग्राम आगखेड़ी स्थित कालबेलिये के डेरे पर दबिश दी, जहां से टीम ने पिटारियों में कैद होकर यातनाएं झेल रहे 4 कोबरा प्रजाति के सांपो को छुड़वाया। इन सांपो को कालबेलिये द्वारा क्रूरतापूर्वक बंद किया हुआ था और इनके विषदंत भी उखाड़ दिए थे।
इसकी सूचना शुजालपुर वन विभाग की टीम को गुप्त रुप से मिल चुकी थी। इस पर शुजालपुर रेंजर पंकज शर्मा, वन रक्षक प्रदीप विश्वकर्मा, राजेश जावरिया, गौरव व्यास, डिप्टी रेंजर मदनलाल मालवीय, शाजापुर से वाईल्ड लाईफ रेस्क्यू एक्सपर्ट हरीश पटेल के साथ कालापीपल थाने से थाना प्रभारी उपेन्द्र छारी ने आरक्षक कालूसिंह अलावा और महिला आरक्षक संगीता परमार को कार्रवाई में सहयोग के लिए वन अमले में शामिल होने को निर्देशित किया। इस पर टीम ने डेरे पर दबिश दी और कालबेलिये प्रताप नाथ नामक व्यक्ति के घर सर्चिंग शुरू की। टीम ने उसके घर में जब जांच की तो उसके घर से इंडियन कोबरा (वैज्ञानिक नाम नाजा-नाजा) प्रजाति के 4 सांप बरामद किए हैं। जिन्हें प्रतापनाथ पिता मिट्ठूनाथ ने इन सांपों के विषदंत उखाड़कर बांस की पिटारियों में बंद किया हुआ था। इसके बाद वन विभाग ने इन सांपों को अपने कब्जे में लिया और इनका मेडिकल करवाया और स्वस्थ होने के बाद इन्हें जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस ने जीव वन्य प्राणी संरक्षण 1972 अधिनियम के तहत अनुसूची 2 के भाग 2 के तहत कार्रवाई कर कालबेलिये को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक कालापीपल पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही थी।
सुबह 5 बजे से चल रही थी सर्चिंग...
इन सांपों को छुड़वाने और ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए वन विभाग और पुलिस बल सुबह 5 बजे से क्षेत्र में सर्चिंग कर रहा था। चूंकि सूचना गुप्त तरीके से मिली थी, जिसके चलते टीम द्वारा गुप्त तरीके से कार्रवाई की जा रही थी। टीम ने पहले पूरी तरह सर्चिंग की और पूरा मामला उजागर होने के बाद दबिश दी, जिसमें टीम को सफलता मिली और 4 कोबरों को टीम की सक्रियता से जीवनदान मिला।

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Shahzad Khan

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