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तपस्या से होती है आत्मा की पूर्ण शुद्धि-कीर्तिसुधाजी , 30 उपवास की तपस्यापूर्ण होने पर हुए विभिन्न आयोजन

शाजापुर (नि.प्र.)। भारतीय संस्कृति में तप का अत्याधिक महत्व है। सभी धर्मों में किसी न किसी रूप में तप की महत्ता को स्वीकार किया गया है। जैन धर्म भी तप को सूक्ष्मता से महत्व देता है। तप और साधना से काया निरोगी होती है, मनोबल एवं शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है। इसके अलावा तपस्या और कठोर साधना से आत्मा की शुद्धि के साथ ही पूर्व कर्मों का क्षय भी सहजतापूर्वक हो जाता है। कई आत्माओं ने भगवान महावीर के शासन में तब आराधना कर अपनी आत्मा का कल्याण किया।
उक्त आशीर्वचन प.पू. महासती वल्लभकुंवरजी मसा की आज्ञानुवर्ति सुशिष्या श्रमणसंघीय उपप्रवर्तनी महासती कीर्ति सुधाजी मसा ने मंगलवार को जैन समाज की सुश्राविका श्रीमती ममता शरद कोठारी द्वारा पूर्ण की गई 30 उपवास यानि की मासक्षमण कठोर तपाराधना के तपोभिनंदन समारोह अवसर पर जैनस्थानक में आयोजित विशेष धर्मसभा में उपस्थित समाजजनों को प्रदान किए। इसके पूर्व सुबह 9 बजे श्रीमती कोठारी को अश्वरथ में बैठाकर स्थानीय कपड़ा मार्केट स्थित जैन स्थानक से समाज का विशाल वरघोड़ा निकाला गया, जो विभिन्न प्रमुख मार्गों सोमवारिया बाजार, कंस चैराहा, नागनागिनी रोड़, टॉकीज चैराहा, नईसड़क होता हुआ जैन आराधना भवन कसेरा बाजार पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। यहां विराजित जैनसाध्वीयों नूतनप्रभा श्रीजी, आराधना श्रीजी, भक्ति श्रीजी तथा आस्था श्रीजी के आशीर्वचन के साथ तपोनिष्ठ सुश्राविका श्रीमती कोठारी का समाज के विभिन्न घटकों द्वारा आत्मिय बहुमान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रमऽकी अध्यक्षता ख्याति प्राप्त विद्वान डॉ.सागरमल जैन ने की। कार्यøम को श्रीमती मनोरमा कोठारी, श्रीमती शैली कोठारी, कु. अवनी कोठारी, दर्शित कोठारी, प्रवीण खाबिया, अशोक मांडलिक, तेजकुमार तातेड़ एवं पीयूष जैन आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अजीत जैन ने किया तथा अंत में आभार प्रकाश कोठारी ने माना। इस अवसर पर माणकचंद नारेलिया, ज्ञानचंद गोलेछा, नरेन्द्र जैन, ज्ञानचंद भंसाली, संजय जैन, सपन जैन, राजेन्द्र जैन, विनोद जैन, महेन्द्र कोठारी, कमल जैन, लोकेश जैन, विमल जैन, लोकेन्द्र नारेलिया, विकास पगारिया, विजय बिड़ला, शैलेन्द्र जैन व अरविंद जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के महिला, पुरूष तथा बच्चे शामिल थे।
उपवास की बोली लेकर किया बहुमान
30 दिनों की निराहार कठोर तपाराधना करने वाली श्रीमती कोठारी के विशेष बहुमान हेतु उपवास की बोली लगाई गई। जिसमें प्रथम बोली श्रीमती शीतल सचिन जैन ने 30 उपवास बोली लेकर श्रीमती कोठारी का बहुमान किया। इसके साथ ही शाजापुर विधायक की ओर से देवीसिंह भीमावद, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती शीतल भट्ट, चातुर्मास समिति शाजापुर, मूर्तिपूजक श्वेतांबर जैन श्रीसंघ, जैन सोश्यल ग्रूप, आनंद बहु मंडल, वल्लभ बहु मंडल एवं जैन नवयुवक मंडल ने किया।
सुसराल के संबल से पूर्ण हुई तप आराधना
30 उपवास की कठोर तपस्या पूर्ण करने वाली श्रीमती कोठारी ने कहा कि किसी भी काम में माता-पिता तो हमेशा सहयोग करते हैं, लेकिन वैवाहिक जीवन के बाद लिए जाने वाले किसी बड़े संकल्प में यदि ससुराल पक्ष का सहयोग न मिले तो वह संकल्प पूर्ण नहीं हो सकता। मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी इस कठोर तप आराधना की पूर्णता में मेरे ससुराल पक्ष ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया और मुझे तपस्या के लिए प्रेरित करने का कार्य किया। 

shahzad Khan

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