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वनवास से लौटने पर भक्तों ने लगाए भगवान श्री राम के जयकारे - अयोध्या में बदला कौटिल्य एज्यूकेशन विद्यालय परिसर

शाजापुर। माता सीता, भाई लक्ष्मण और भक्त हनुमान के साथ जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम अहंकारी रावण का अंत कर जब अयोध्या पहुंचे तो उनके आगमन की खुशी भक्तों के चेहरों पर साफ झलक रही थी। हर कोई इनकी एक झलक पाने को आतुर था। यही वजह थी कि भगवान श्री राम, माता सीता, भक्त हनुमान और लक्ष्मण जी के सिंहासन पर विराजते ही पूरा परिसर दीपक की रोशनी से और भगवान श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। 
ये नजारा था एबी रोड स्थित कौटिल्य एज्यूकेशन स्कूल का जहां दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया गया। जहां किड्स आईसलैंड के बच्चे भगवान श्री राम, हनुमान, माता सीता और लक्ष्मण जी के भेष में कार्यक्रम में उपस्थित हुए, जो आकर्षण का केंद्र रहे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोतवाली प्रभारी राजेंद्र वर्मा ने बच्चों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व उत्साह और उमंग का परिचायक है। इस दिन भगवान राम के अयोध्या वापस लौटने की खुशियां अयोध्यावासियों ने मनाई थी। हम भी उसका अनुसरण करें और भगवान राम के बताए पदचिन्हों पर चलें। साथ ही दीपावली पर पटाखे सावधानी से चलाएं और अपने माता-पिता की मौजूदगी में ही आतिशबाजी करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशेष अतिथि दैनिक भास्कर के ब्यूरोचीफ बहादुरसिंह चौहान ने कहा कि भगवान श्री राम ने अहंकारी रावण का अंत किया था और 14 बरस बाद वे अपनी अयोध्या वापस आए थे तो उनके आगमन की खुशियों में वहां के लोगों ने दीपक जलाकर पूरी अयोध्या को रोशन कर दिया था। आप लोग भी कुछ ऐसा काम करें कि आपकी जीत की खुशी हर कोई मनाएं और आप लोगों को अपना आयडल माने। कार्यक्रम को विशेष अतिथि पत्रकार सुमित भावसार, विद्यालय संचालिका श्रीमती शशि यादव, प्राचार्य थॉमस जॉन, प्रशासनिक समिति अधिकारी अरविंद यादव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मयूर वर्मा ने किया। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद छात्राओं ने आकर्षक गीत की प्रस्तुति दी। 
बच्चों ने समारोह को बनाया स्वादिष्ट...
दीवाली सेलिब्रेशन कार्यक्रम में सबसे ज्यादा उत्साह बच्चों में देखा गया, जिन्होंने न सिर्फ अपने साथियों बल्कि अतिथियों व शिक्षकों के लिए स्पेशल व्यंजनों तैयार किए थे और बीच समारोह में अपने द्वारा तैयार व्यंजनों के स्टॉल लगाए थे। इन व्यंजनों की खुशबू से प्रभावित सभी अतिथियों ने इनका न सिर्फ स्वाद लिया बल्कि बच्चों की पाक कला और उनकी योग्यता की भी प्रशंसा की।
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shahzad Khan

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