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भ्रष्टाचार की शिकायत पर तत्काल कार्यवाही करें- संभागायुक्त श्री ओझा-खबर में देखे जिले की अन्य खबरे भी

संभागायुक्त ने ली जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक
शाजापुर 07 अक्टूबर 2017/जिले में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिले तो उस पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करें। उक्त निर्देश उज्जैन संभागायुक्त श्री एम. बी. ओझा ने जिले के राजस्व अधिकारियों को दिए। संभागायुक्त श्री ओझा आज जिले में राजस्व कार्यो की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री श्रीकांत बनोठ, जिला पंचायत सीईओ डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत, अपर कलेक्टर श्रीमती मीनाक्षी सिंह, उपायुक्त उज्जैन श्री पवन जैन, अनुविभागीय अधिकारी शाजापुर श्री उमराव िंसह मरावी एवं शुजालपुर श्री के.के. मालवीय, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती कलावती ब्यारे सहित समस्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद थे। 
संभागायुक्त श्री ओझा ने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा पुनः संभागीय समीक्षा की जाएगी। उज्जैन संभाग की समीक्षा संभवतः 16 अक्टूबर 2017 को हो सकती है। इसलिए सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने कार्यो को दुरूस्त रखें। समीक्षा में अनियमितता पाए जाने पर संबंधितो के विरूद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त प्रकरणों को पंजी में दर्ज करें। वसूली की गई राशि के चालानों का मिलान कोषालय से कराएं। समान प्रकृति के सीमांकन प्रकरणों का निराकरण एक जैसा करें, ऐसा न हो कि एक प्रकरण का निराकरण कर दिया गया हो और दूसरे का नहीं। सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि राजस्व न्यायालय द्वारा पारित आदेशो में तथ्यात्मक भाषा का प्रयोग हो। प्रकरण के विवेचना के बिन्दु भी आदेश में शामिल करें। उन्होंने कहा कि बटवारा नामांतरण अभियान चलाने के बाद भी फौती नामांतरण न होना चिन्ता जनक है। उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि पटवारियों से ग्रामों का नियमित भ्रमण करवाएं। पटवारियों के कार्यो की सतत् समीक्षा करें। साथ ही पटवारियों को निर्देशित करें कि वे अपने मुख्यालय के ग्रामों में रात्रि विश्राम भी करें। नामांतरण, बटवारा, सीमांकन आदि के प्रकरणों में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें। पीठासीन अधिकारी न्यायालय में बैठने के दिन नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करें। तहसील कार्यालयों में रिकार्ड रूम को व्यवस्थित रखें। मुख्यमंत्री हेल्पलाईन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण में संतुष्टि का प्रतिशत बढ़ाए। पंजीयन विभाग को निर्देशित करें कि किसी भी भूमि की रजिस्ट्री में खसरा, नक्शा अवश्य लगवाएं, इसके बिना रजिस्ट्री नहीं करें। पटवारियों के हल्के का निर्धारण, ग्राम पंचायत के क्षेत्र को इकाई मानकर करें। साथ ही राजस्व सर्कल का पुर्नगठन भी करें। शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाए। आने जाने के रास्ते को पटवारी नक्शे में दिखाए, निस्तार पत्रको को अद्यतन करने के लिए अभियान चलाएं। लोकसेवा गारंटी के तहत लगाए गए जुर्माने की राशि को संबंधित आवेदको के खाते में जमा करवाए। मंदिरो की जमीन पर अतिक्रमण नहीं होने दें। मंदिरो की जमीनो का रिकार्ड, पुराने रिकार्ड से मिलान करें। राजस्व न्यायालय द्वारा पारित आदेशो का अमल कराते हुए रिकार्ड दुरूस्त कराएं। नामांतरण की समस्त पुरानी पंजियां तत्काल रिकार्ड रूम में जमा कराएं। नगरीय सीमा से पांच किलोमीटर तथा ग्रामों की सीमा से दो किलोमीटर की परिधि की भूमि का पुरानी मिसल बंदोबस्त से मिलान कराए। 
अंतर जिला निरीक्षण कराएं-
संभागायुक्त श्री ओझा ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जिले की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसील कार्यालयों का आपस में एक दूसरे अधिकारियों से निरीक्षण कराए और पाई गई कमियों को दुरूस्त करें। 


कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाए-
राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर श्री बनोठ ने निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्यालयो में स्वच्छता अभियान चलाए, फाईलो का समुचित व्यवस्थापन करें। अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार एक दूसरे के कार्यालयों का निरीक्षण कर कार्यो में की गई छोटी से छोटी गलतियां पकड़े। समस्त राजस्व अधिकारी प्रकरणो का निराकरण उचित अवधि में करें। इस अवसर पर विवादित एवं अविवादित बटवारा तथा नामांतरण के प्रकरणो की समीक्षा की गई। साथ ही वसूली, अतिक्रमण, न्यायालयीन प्रकरणो, ई-खसरा अभियान, राजस्व रिकार्ड जमा कराने की स्थिति, डायवर्सन टैक्स की वसूली, जाति प्रमाण पत्र जारी करने की स्थिति, आडिट आपत्तियो के निराकरण, नक्शे में तरमीम की कार्रवाई आदि की विस्तार से समीक्षा की गई। 
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50 ग्राम पंचायतों को गरीबी मुक्त बनाने के लिए तैयार हो रही है कार्ययोजना
शाजापुर, 7 अक्टूबर 2017/राज्य शासन के निर्देश के अनुसार मिशन अन्त्योदय के अंतर्गत जिले की 50 ग्राम पंचायतों में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर गरीबी मुक्त बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस संबंध में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत द्वारा सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों को पत्र लिखकर कार्ययोजना तैयार कर प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया गया है। 
सीईओ जिला पंचायत डॉ. रावत ने बताया कि राज्य शासन द्वारा कार्ययोजना बनाने के लिए दिशा निर्देश दिए गए है, जिसके अनुसार गरीबी मुक्त कार्यक्रम में सामुदायिक सुविधाओं में स्वच्छता के तहत प्रत्येक घर में शौचालय, सीसी रोड, ड्रेनज, हैण्डपम्प की नाली निर्माण, ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन, प्रत्येक स्कूल के लिए एलपीजी कनेक्शन, कुपोषण वाली पंचायतों में पूरक पोषण आहार के लिए कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन किया जाना है। इसी तरह सामुदायिक भवन अधोसंरचना में गांव में पंचायत भवन, आंगनवाड़ी भवन, स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक शौचालय निर्माण, खेल का मैदान, मोक्षधाम, बड़े ग्रामों में सामुदायिक भवन, विकास खण्ड मुख्यालयों पर अजीविका भवन निर्माण, मध्यान्ह भोजन निर्माण के लिए किचन शेड, मनोरंजन हाल, पेयजल व्यवस्था, व्यक्तिगत सुविधाओं में सभी परिवारों के लिए पक्का आवास, परिवारों के लिए एलपीजी कनेक्शन, पीने का पानी, प्रत्येक परिवार हेतु शौचालय तथा विद्युत कनेक्शन के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। 
इसी के साथ परिवार की आय में वृद्धि के लिए आजीविका संवर्द्धन में जहां कूप सफल है वहां परिवारों के लिए कूप की स्वीकृति, उ़द्यानिकी पौधरोपण नर्सरी एवं खेत तालाब स्वीकृत करने, स्वसहायता समूहों को लाभान्वित करने, माईनिंग, फूडप्रोसेसिंग, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, बुनाई इत्यादि, रोजगार प्रदाय हेतु प्रशिक्षण एवं नियोजन, रोजगार मेले, कौशल उन्नयन आदि से प्रत्येक परिवार की वार्षिक आय एक लाख पच्चीस हजार सुनिश्चित करने की कार्ययोजना तैयार की जाना है। 
क्रमांक 16/9

shahzad Khan

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