Breaking News
recent

Advertisement

विधवाओं और महिलाओं के कल्याण में है ज्योति बा फुले का योगदान : चौहान - माली समाज ने मनाई ज्योति बा फुले की पुण्यतिथि

Adjust the font size:     Reset ↕



शाजापुर। ज्योति बा फुले एक नाम नहीं बल्कि एक मिसाल हैं जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई काम किए हैं। उन्होंने महिलाओं एवं विधवाओं के कल्याण के लिए काम किए। स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए ज्योतिबा ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था। हमें भी उनके बताए मार्ग पर चलकर कमजोर वर्ग के साथ खड़े होकर उसे मजबूत बनाना होगा। 
यह बात माली समाज के अध्यक्ष रमेशचंद्र चौहान ने मालीवाड़ा स्थित समाज के मंदिर में आयोजित ज्योति बा फुले की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री चौहान ने कहा कि वे हर समय बस शिक्षा को बढ़ाने और हर वर्ग को शिक्षित करने के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि लड़कियों को पढ़ाने के लिए जब कोई योग्य अध्यापिका नहीं मिलीं तो इस काम के लिए उन्होंने अपनी पत्नी सावित्री फुले को इस योग्य बनाया। उच्च वर्ग के लोगों ने आरंभ से ही उनके काम में बाधा डालने की कोशिश की लेकिन जब फुले आगे बढ़ते ही गए और अपने लक्ष्य को पाकर ही रहे। यही नहीं उन्होंने दलितों और निर्बल वर्ग को न्याय दिलाने के लिए 1873 में श्सत्यशोधक समाज की स्थापना की। हमें भी ऐसे व्यक्तित्व का अनुसरण कर समाज को विकास की दिशा में ले जाना चाहिए। कार्यक्रम में रमेशचंद्र डोडिया, चर्तुभुज पुष्पद, छगनलाल गोयल, पत्रकार रमेश वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार संजय वर्मा, नीलेश वर्मा, प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक चौहान, राधेश्याम चौहान, जितेंद्र गोयल, पार्षद प्रतिनिधि सुनील गोयल, तुलसीराम गोयल, राधेश्याम माली, राजेश गोयल, सोनू गोयल, राहुल माली सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।
०००००००००

Like us on Facebook

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए मालवा अभीतक के Facebook पेज को लाइक करें

Shahzad Khan

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.