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स्वीकृत प्रकरणों में 15 फरवरी तक ऋण का वितरण करें-कलेक्टर श्री बनोठ , डीएलसीसी की बैठक सम्पन्न

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शाजापुर, 01 फरवरी 2018/विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित की जा रही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत स्वीकृत प्रकरणों में 15 फरवरी 2018 तक बैंक ऋण वितरित करें। यदि कोई प्रकरण ऋण वितरण लायक नहीं है तो उसके स्थान पर विभाग से अन्य प्रकरण मंगवाए या स्वयं प्रकरण बनाए। यह बात कलेक्टर श्री श्रीकांत बनोठ ने आज सम्पन्न हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक में कही। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती वंदना शर्मा, भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री नितिन श्रीवास्तव, नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री अनिल अटल, लीड बैंक अधिकारी श्री अरूण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न बैंकों के जिला स्तरीय समन्वयक एवं विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। 
कलेक्टर श्री बनोठ ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बैंक प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं करें। यदि प्रकरण योग्य नहीं है तो उसे तत्काल वापस करें। प्रकरणों की स्वीकृति के उपरांत हितग्राहियों को ऋण का वितरण भी करें। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को ऋण वितरण कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाता है ताकि बेरोजगारी की समस्या हल हो सके। उन्होंने कहा कि बैंक बेरोजगारी दूर करने में सहयोग करें। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा प्रस्तुत आर.आर.सी. प्रकरणों में वसूली में पूरा सहयोग किया जाएगा। अनुपस्थित बैंक के प्रतिनिधियों के संबंध में उन्होंने एलडीएम से कहा कि संबंधित बैंकों के क्षेत्रीय कार्यालयों को सूचित करें। इस अवसर पर रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि श्री श्रीवास्तव ने कहा कि एनआरएलएम एवं एनयूएलएम जैसी योजना धरातल से जुड़ी हुई है, इन योजनाओं के तहत गठित स्व-सहायता समूहों का वित्तपोषण करें। इस अवसर पर एलडीएम श्री गुप्ता ने आश्वस्त किया कि सभी बैंक लक्ष्य अनुरूप योजनाओं में प्रगति प्राप्त करेंगे। साथ ही उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से कहा कि बैंकों के लिए नियुक्त बैंक सखी एवं बैंक समन्वयक के कार्यकलापों पर नजर रखें। इस अवसर पर नाबार्ड के प्रतिनिधि श्री अटल ने भी संबोधित किया। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती शर्मा ने बैंक अधिकारियों से कहा कि जिन हितग्राहियों के लिए बैंकों को अनुदान दिया गया है, उन प्रकरणों में ऋण का वितरण तत्काल करें। 
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के कार्यो की भी इस समीक्षा की गई। निदेशक श्री ओपी धीमान ने गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बैंक अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों से अनुरोध किया कि संस्थान द्वारा प्रशिक्षित हितग्राहियों के ऋण प्रकरण तैयार करने में प्राथमिकता दें। 

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Shahzad Khan

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