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हनुमान जी भगवान शिव के प्रतिरुप है- पपु पंडीत श्री अनुराग कृष्ण पाठक

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- मुरलीधर कृपा अस्पताल में हनुमान कथा के बाद हनुमान चालीसा चिंतन कार्यक्रम आयोजित
मक्सी- हनुमान चालीसा के आधार पर ईष्ट प्राप्ती के चार साधन होते हे ’’नाम, रुप, लीला, धाम’’ जब गोस्वामी जी ने हनुमान चालीसा को जब रचा तो इन्हीं चार बातों का ध्यान रखा। हनुमान चालीसा में सर्वप्रथम हनुमान जी के नाम पर ध्यान दिया जायेगा। जो कि इसकी प्रथम चैपाई में अंकित है। हम जिसका नाम जपते है उसके बाद उनके रुप की चर्चा करते है (द्वितीय चैपाई) अब लीला में प्रवेश करते हुए गोस्वामीजी ने बताया कि हनुमान जी भगवान शिव के प्रतिरुप है। भगवान का सर्वश्रेष्ठ घर भक्त के हृदय में है। सम्पूर्ण श्रीराम परिवार को आखरी चैपाईयों में निहित किया गया। उक्त बाते परम पुज्य पंडीत अनुराग कृष्ण पाठक ने मुरलीधर कृपा हास्पिटल में आयोजित हनुमान चालीसा पर चिंतन आयोजित धर्मसभा में  संबोदित करते हुए कही, 3 बजे शुरू हुई धर्म सभा शाम 7 बजे तक चली आपको बता दे की परिसर में हनुमान चालीसा चिंतन 26 मार्च सोमवार को भी शाम 3 से 6 बजे तक आयोजित होगा पंडित पाठक ने कहा की प्रथम दोहे में गुरु की वंदना की गयी है। जो
जीवन में श्रेष्ठ गुरु का आचरण करता है उसे आंतरिक सौन्दर्य प्राप्त होता है क्योकि भगवान से भी पहले पूजनीय गुरु है। जीवन में सदगुरु का होना भगवान की कृपा का प्रथम लक्षण है श्रेष्ठ गुरु के चरण कमल की वंदना करना चाहिए संसार में दो ही प्रकार के लोग है। गुरु अर्थात समर्पण गुरुर अर्थात अभिमान अपने आप पर विश्वास न करना ही भगवान के होने का प्रतीक है। जिस प्रकार इत्र लगाने से मन प्रभावित होता है ठीक उसी प्रकार गुरु के चरणों की धूल से मन को साफ किया जा सकता है। मन से चेतन, अर्द्धचेतन, अचेतन जिसमें चेतन से प्रतिदिन काम करते है, तथा अद्धचेतन चेतन तथा अचेतन की बीच की कडी है। मनुष्य का मन उसके बंधन और मोक्ष का कारण है। जैसे शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए योगाभ्यास किया जाता है। उसी प्रकार से मन के दो व्यायाम है। या तो मन के आगे ’’’’ लगाओं जिससे नमन होगा या तो मन के पीछे ’’’’ लगाओं जिससे मनन होगा।  ’’’’ तो गुजरा विचार ’’’’ आता हुआ विचार परमात्मा है। दोनों विचार के बीच की खाली जगह परमात्मा है। गुरु तत्व प्राप्त होता है। ज्ञान के संतुलन से।
आयोजन में गुरु जी का स्वागत अस्पताल के चेयरमेन सेठ महावीर प्रसाद मानसिंगका ने किया इस दोरान मक्सी वरिष्ट समाजसेवी, लक्ष्मीनारायण पटेल मुकेश गर्ग, डॉ रवि पांडे, के साथ सेकड़ो महिला पुरुष मोजूद थे

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Shahzad Khan

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