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राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होगा,सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा निर्देश जारी

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भोपाल -सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में पात्रता, मापदण्ड एवं सहायता की मात्रा को पुन: स्पष्ट किया है। अब राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के घटक राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना (NFBS) के अन्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों को सहायता प्राप्त होगी। परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर शोक संतप्त परिवार को 20 हजार रूपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की मृत्यु (प्राकृतिक अथवा अन्य) हो जाने पर परिवार सहायता के लिए पात्र होगा।
गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के किसी भी कमाऊ सदस्य, जिसकी कमाई घर चलाने में अहम योगदान करती है, मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता का लाभ लेने की पात्रता होगी। मृतक के परिवार में सदस्य महिला या पुरूष या ट्रान्सजेण्डर हो सकता है। राष्ट्रीय परिवार सहायता की पात्रता के लिए लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। स्थानीय जॉच के बाद मृतक गरीब के परिवार में ऐसे जीवित सदस्य को पारिवारिक लाभ का भुगतान किया जाएगा, जो उस परिवार का कमाऊ व्यक्ति पाया गया हो।
इस योजना में 'परिवार' शब्द में विवाहिता वयस्क की मृत्यु के मामले में पति-पत्नी, छोटे बच्चों, अविवाहित लड़कियाँ और आश्रित माता-पिता; अविवाहित वयस्क की मृत्यु के मामले में छोटे भाई-बहन या आश्रित माता-पिता को शामिल किया गया है। योजना में सहायता की पात्रता के लिये मुख्य जीविकोपार्जक की मृत्यु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम की आयु में होना जरूरी होगा।
विभाग ने निर्देश जारी किये हैं कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि प्रत्येक मुख्‍य जीविकोपार्जक की मृत्यु के मामले में प्रत्येक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता के अंतर्गत लाभ मिल सके।

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Shahzad Khan

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