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अखबार में छपी खबर, प्रमाणित होने के बाद अब जिम्मेदारों की खेर नही, मप्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम- देखे पूरी खबर

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शाजापुर 13 अप्रेल 2018/ मध्यप्रदेश जनसंपर्क संचालनालय ने सरकारी विभाग के खिलाफ अखबार में प्रकाशित होने वाली नकारात्मक समाचारों के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसके जरिए कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य विभाग प्रमुखों को नेगेटिव न्यूज की डिजिटल इमेज समाचार प्रकाशन के दिन ही ऑनलाईन भेज दी जाएगी।

साथ ही सूचना ई-मेल और एसएमएस पर भी दी जाएगी। भेजे गए समाचार को dpr.mpnewssarch.org से भी डाउनलोड किया जा सकता है। विभाग प्रमुख को खबर के विषय में स्पष्टीकरण देना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि खबर में जो मुद्दे उठाए गए है, उसकी वजह क्या है और जिम्मेदार कौन है। यदि कर्मचारी और अधिकारी दोषी पाए गए हैं तो उन पर क्या कार्रवाही की गई है, यह सारी जानकारी विभाग प्रमुखों को जनसंपर्क विभाग ऑनलाईन भेजना होगी।


अफसरों से मांगे संपर्क सूत्र

  जनसंपर्क विभाग ने खबरों की खबर लेने के लिए 65 विभागों के अधिकारियों से उनके संपर्क सूत्र मांगे हैं। इसके लिए प्रोफार्मा बनाया गया है। हर अधिकारी से यह कहा गया है कि वह अपने मोबाईल नंबर, लैंड लाइन नंबर, ई-मेल आईडी, फैक्स नंबर, ऑफिस का नाम, एचओडी, डेजिगनेशन, एड्रेस इत्यादि प्रोफॉर्मा में भरकर पहुंचाएं। इसका मकसद यह है कि संबंधित अधिकारी को उनके विभाग के खिलाफ छपी खबर से हर हाल में अवगत कराया जा सके।

जनसंपर्क संचालनालय के आयुक्त श्री पी. नरहरि ने सरकारी विभागों से कहा है कि विसंगतियों, घपलों इत्यादि के समाचार प्रकाशित होने से शासन की छवि धूमिल होती है। कई बार विभागीय स्तर पर जांच या उचित कार्रवाई नहीं हो पाती है। शासन की मंशा है कि यदि समाचार में लिखी बातें सत्य हैं तो संबंधित पर कार्रवाई जरूर हो। 

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Shahzad Khan

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