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समाज की सेहत के लिए काम करते हुए चिंता में रोग पाल लेता है, पत्रकार-भारतीय पत्रकार संघ कर रहा पत्रकारों की चिंता-राजेश बादल-- दिल्ली, झाबुआ में कार्यक्रम में कई राज्यों से आए पत्रकार

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शाजापुर/खरगोन। भारतीय पत्रकार संघ एआईजे के बैनर तले रविवार को झाबुआ में एक निजी गार्डन में पूरे देश भर से आए मुर्धन्य पत्रकारों
का महा समागम आयोजित हुआ। भारतीय पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सेन की अध्यक्षता में आयोजित इस महा समागम में देश के हर प्रांत से पत्रकारों ने सहभागिता कर... पत्रकारजगत की जानी मानी कलम की धनी हस्तियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। आयोजन में देश के कई राज्यों से करीब 1000 पत्रकारों ने भागीदारी
की । श्री बादल ने पत्रकारो को संबोधित करते हुये कहा कि पत्रकार सारी उम्र समाज की सेहत के लिये काम करते हुए अपनी व परिवार की चिंता तक भूल जाते है। चिंता में कई रोग पाल लेते है। एआईजे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराकर पत्रकारों का बड़ा हित कर रहा है।

उन्होने कहा कि हमे अपने पत्रकारिता के मिशन ओर कार्पोरेट पत्रकारिता की रेखा तय करना होगी। दरअसल में हम समाज में भरोसा खोते जा रहे है। ऐसे में,  हमे अपनी विश्वसनीयता को बनाये रखना है।  श्री बादल ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी,भगत सिंह, माखनलाल चर्तुवेदी आदि पत्रकारो को अपना आदर्श मानकर हमे पत्र. कारिता को तराशना है। आज पत्रकारिता मे दबाव के कारण समर्पण की भावना सर्व व्याप्त है।  पत्रकारिता को आज तक वैद्यानिक रूप से चाहे चैथे स्तंभ का दर्जा ना मिला हो, किंन्तु समाज पत्रकारिता को
वरिष्ट पत्रकार और संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अजीजुद्दीन शेख का सम्मान करते अतिथिगण
- प्रजातंत्र का चैथा स्तंम्भ ही मानता है। श्री बादल ने पारूल
विश्वविद्यालय में 10 प्रतिशत पत्रकारो के बच्चो के स्थान सुरक्षित रखने का सुझाव भी कार्यक्रम में मौजूद विश्व विद्यालय के डीन को दिया। श्री बादल ने कहा कि झाबुआ की यह भूमि निश्चित ही साधुवाद की पात्र है। जहां पर कन्हैयालाल वैद्य, स्व.यशवंत घोडावत, स्व. जवाहरलाल राठौर, स्व. आनंदीलाल पारिख जैसी हस्तियो ने ग्रामीण पत्रकारिता से लेकर सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में
उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विक्रम सेन ने
भारतीय पत्रकार संघ एआईजे को कड़ी मेहनत कर 20 राज्यो में
फैला दिया है। ये संगठन वास्तव में पत्रकार हितों का संरक्षण कर
रहा है। महासमागम में प्रख्यात संपादक एवं चिंतक स्व. माणकचन्द्र बाजपेयी, झाबुआ के पत्रकार स्व. यशवंत घोडावत, एवं स्व. कन्हैयालाल वैद्य की स्मृति में अलग अलग 6-6 कलमकारों एवं
साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देश में इलेक्ट्रानिक एवं प्रिंट मीडिया के जाने माने पत्रकार राजेश बादल नई दिल्ली, क्रांति चतुर्वेदी इंदौर, जय श्रीवास्तव इंदौर, कमल दिक्षीत इंदौर, प्रकाश हिन्दुस्तानी इंदौर, पुष्पेन्द्र वैद्य देवास, सुश्री सुचंदना गुप्ता दिल्ली ने मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में सांसद कांतिलाल भूरिया, डॉ. विक्रांत भूरिया, रिदम हार्ट स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के संचालक डॉ.अरविन्द्र शर्मा, डॉ. डीपी
पटेल पारूल युनिवर्सिटी के डीन के अलावा बडी संख्या में मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात,झारखण्ड, महाराष्ट्र, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, बिहार,
छत्तीसगढ आदि क्षेत्र के पत्रकारो ने भागीदारी की। कार्यक्रम का
शुभारंभ दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण के साथ मुर्धन्य पत्रकार राजेश बादल के मुख्य आतिथ्य में देश की जानीमानी मीडिया हस्तियो ने किया। इस अवसर पर सुचंदना गुप्ता ने अपनी 26 वर्षिय पत्रकारिता का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्पोरेट पत्रकारिता में हम स्टुडियो में बैठकर काम करते है जबकि आप लोग  ग्रामीण क्षेत्र में पत्रकारिता के जुनुन को लेकर अनुकरणीय कार्य कर रहे है। जय श्रीवास्तव ने मदर्स डे की बधाई देते हुए कहा कि एआईजे बधाई का पात्र है, जिसने पत्रकार हित में सफल आायोजन को साकार किया। उन्होंने कहा कि एयर कंडीशनर कमरो में बैठकर, जो लोग पत्रकारिता करते है। उन्हे भी फिल्ड के मसाले पर निर्भर रहना पड़ता है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकारिता की नीव, अंचल के आप पत्रकार लोग ही है। आप लोग कलम मे स्याही ना हो, तो अपने खून से लिखते है। कलम मे बडी ताकत है दृढ सकंल्प होकर कार्य करे।  पारूल इंस्टीट्युट के डीन डॉ. वी पी हटिला ने कहा कि उनका संस्थान देश के सभी पत्रकारो को रियायत वाली सेवाएं देगा। दवाईयो व एक्सरे आदि का सिर्फ 50 प्रतिशत ही देना होगा।

आईसीयू डायलिसिस सभी सेवाएं दी जाएगी। आपने, अपनी संस्था में पत्रकारो के बच्चो को 30 प्रतिशत स्कालरशिप देने की घोषणा की। राष्ट्रीय  हिन्दी मेल के संपादक विजय कुमार दास ने अपने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि बिना मैदानी कार्यकर्ता के पत्रकारिता अधुरी है। उन्होने राममनोह

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Shahzad Khan

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