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6 सितम्बर के भारत बंद एव आगामी त्योहारों में शांति व्यवस्था बनाये रखने को लेकर शाजापुर कलेक्टर ने जारी किए प्रतिबंधत्मक आदेश, उलंघन पर होगी कार्यवाही-देखे पूरी खबर

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जिला दण्डाधिकारी ने जारी किए धारा 144 के तहत प्रधिबंधात्मक आदेष
शाजापुर, 05 सितंबर 2018/ सपाक्स समाज संगठन द्वारा 6 सितंबर 2018 को भारत बंद की संभावना को देखते हुए एवं आगामी समय में गणेश चर्तुदर्शी, डोलग्यारस तथा मोहर्रम त्यौहार को देखते हुए जिलें में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री श्रीकांत बनोठ ने जिले में आगामी आदेश तक भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेष जारी किए है। प्रतिबंध की अवधि में कोई भी व्यक्ति जुलूस, रेली, प्रदर्शन रेली, चल समारोह, विसर्जन समारोह, अखाड़ो आदि में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग नहीं कर सकेगा। जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में बिना किसी वैधानिक आधार के आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने फोटो/चित्र, मैसेज करने पर एवं उनकी फारवर्डिंग, ट्विटर, फेसबुक, वॉट्सअप इत्यादि सोशल मीडिया आदि पर करने से पोस्ट पर कमेंट्स करने सहित इस तरह अवैधानिक पोस्ट को लाईक करने की गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसका कृत्य भारतीय दण्ड संहिता की धारा 1860 की धारा 188 के अंतर्गत अभियोजन के लिए उत्तरदायी होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होकर आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
उक्त आदेश वर्तमान परिदृश्य में सोशल साईट्स, सोशल मीडिया आदि पर तरह-तरह के आपत्तिजनक संदेश, चित्रों एवं आडियो संदेश के माध्यम से नकारात्मकता और तनाव की स्थिति बनती है, जिसके कारण शांति व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थितियां निर्मित हो सकती है को दृष्टिगत रखते हुए लागू किया गया है। त्यौहारों के दौरान सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेश जारी किया गया है। प्रायः त्यौहारों के दौरान आयोजकों द्वारा मार्गो पर अतिक्रमण कर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना एवं मोहर्रम के ताजिये बिना अनुमती के स्थापित किये जाने से आम जनता को अकारण परेशानी होती है एवं यातायात अवरूद्ध होने से आपातकालीन सेवाए भी विलंबित होती है। शहर में त्यौहारों के दौरान निकलने वाले जुलूस आदि में बिना अनुमति प्राप्त किए डी.जे. चलाए जाते हैं, जिससे निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि उत्पन्न होने से शोर-शराबे के साथ आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से मानसिक व अन्य तकलीफों का अकारण सामना करना पड़ता है। इस प्रकार के आयोजनो से शहर में शांति व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने के साथ-साथ मानव जीवन एवं लोक प्रशांति भंग होने का भय बना रहता है। 

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Shahzad Khan

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