Breaking News
recent

Advertisement

फर्जी रजिस्ट्री मामले में,शाजापुर जिले के तत्कालीन उप पंजीयक, क्षेत्र कें तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी एव PACL कंपनी के डायरेक्टर ओर शाजापुर के स्टाम्प वेंडर समेत 17 लोगो पर मामला दर्ज

Adjust the font size:     Reset ↕

उज्जैन-मालवा अभीतक- आर्थिक अपराध प्रकोश्ठ मुख्यालय भोपाल द्वारा आगर-मालवा एवं शाजापुर जिले के वर्ष 2014 में बहुचर्चित पी.ए.सी.एल. कम्पनी व अन्य सहयोगी कम्पनियों के द्वारा प्राधिकृत सुखमोहिन्दर सिंह ने लगभग 300 किसानों की कृशि भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तत्कालीन वरिश्ठ उप पंजीयक जिला शाजापुर से सांठगाठ कर कूटरचित विक्रय पत्र तैयार कर कम्पनियों को सौप दिये थे, इस बहुचर्चित फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा लोढा समिति द्वारा किसानों की कृशि भूमि को बैंको के माध्यम से नीलाम करने हेतु अपनी वेबसाईड पर अपलोड कर संबधित जिला कलेक्टरों को उक्त कृशकों की कृशि भूमि के नामातंरण विक्रय आदि पर रोक लगाने के आदेष पारित करने के उपरान्त स्थानीय कृशकों के संज्ञान मे आने पर हुआ। इसके बाद उक्त संबध में आर्थिक अपराध प्रकोश्ठ इकाई उज्जैन में शीकायत दर्ज करवाई गई। शिकायतकर्ता बाबूलाल पिता श्रीरामजी यादव निवासी ग्राम तोलाखेडी आगर मालवा के द्वारा एक शिकायत पत्र स्वंय की कृशि भूमि के कूटरचित विक्रय पत्र जिसे शिकायतकर्ता ने लोढा समिति की वेबसाईड से डाउनलोड कर प्राप्त किया एवं उक्त कूटरचित विक्रय पत्र का सत्यापन उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर में करवाया तो उसे यह ज्ञात हुुआ कि उक्त कूटरचित विक्रय पत्र का पंजीयन उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर में नही हुआ है। इस कूटरचित विक्रय पत्र पर विक्रेता षिकायतकर्ता बाबूलाल यादव के स्थान पर जो फोटो लगाई गयी थी षिकायतकर्ता एवं भूस्वामी बाबूलाल की नही होकर किसी अज्ञात व्यक्ति की थी तथा गवाह के रूप मे हरिसिंह पिता कालुसिंह निवासी ग्राम गाता लिखा था जिसकी मृत्यू 25.04.2009 को हो चुकी है, दूसरा गवाह के स्थान पर अन्तर सिंह पिता देवीसिंह का नाम लिखा गया है जबकि उक्त नाम का व्यक्ति ग्राम गाता में निवासरत ही नही थी। इस प्रकार आरोपी सुखमोहिन्दर ने षिकायतकर्ता की कब्जे व स्वामित्व की भूमि का कूटरचित विक्रय पत्र की रचना कर षिकायतकर्ता सहित लगभग 300 कृशकों की कृशि भूमि की फर्जी रजिस्ट्री पंजीयक कार्यालय षाजापुर से करवा ली थी। षिकायत पत्र की जाॅच उपरान्त मुख्यालय में प्राथमिक जाॅच कं्रमाक 16़/17 दिनांक 07.10.17 को दर्ज किया गया। जाॅच उपरान्त आरोपी सुखमोहिन्दर सिंह पिता बाबूसिंह निवासी पुरानी तहसील के सामने, सरहिंद सिटी जिला फतेहगढ साहब, पंजाब, चरणजीत सिंह पिता अमरसिंह,  सीताराम पिता कजला,, सुखजीत सिंह पिता फुमन सिंह,  बलजीन्दर सिंह पिता निर्मल सिंह, गुरमीत सिंह पिता कुलवंत सिंह, मस्करूर रहमान ग्यासी पिता नतलुर्बुर रहमान, सुरेश कुमार पिता गंगाधर, रामअवतार सैनी पिता रामकिशन सैनी, सुखबीर सिंह पिता लखमीर सिंह, ताराचन्द पिता शिवेन्द्र नाथ, भगत हरलाल सिंह पिता ईश्वर सिंह, सुखबीर सिंह पिता लखमीर सिंह व अन्य डायरेक्टरगणों ने तत्कालीन वरिष्ठ उप पंजीयक पूरणसिंह भील पिता नाथूसिंह भील, जिला शाजापुर, तत्कालीन तहसीलदार नलखेडा व फर्जी रजिस्ट्री के पटवारी हल्का नम्बर 17 में पदस्थ पटवारी एवं फर्जी साक्षीगण होकमसिंह  पिता किशनलाल सौधिंया तथा लाल सिंह पिता हरिसिंह, सौधिंया, गुमानसिंह पिता परते सिंह,रामचन्द्र भानेज,स्टाम्प वेंडर रक्षित पाटिल पिता श्री नंदकिशोर जी पाटिल, स्टाम्प वेंडर, शाजापुर, दीपक कुमार जैन पिता श्री दिलिप कुमार जैन, स्टाम्प वेंडर, सूसनेर जिला आगर मालवा,प्रदीप पिता जयंतीलाल जैन(साखंला) तराना जिला उज्जैन, व अन्य सहयोगी अनवर खान पिता आलम खान जाति मुसलमान गेलाना तह सुसनेर जिला आगर एवं अन्य के विरूद्ध अपराध कं्रमाक 28/2018 धारा 419,420,467,468,471,120-बी भादवि का प्रकरण दिनांक 17.10.18 को पंजीबद्ध किया गया है। प्राथमिक जाॅच पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय कैथवास, सउनि अशोक राव, आरक्षक मोहनपाल, विशाल बाॅदल, लोकेन्द्र सिंह देवडा द्वारा की जाकर प्रतिवेदन मुख्यालय प्रेषित किया गया था, जिस पर से उक्त अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

Like us on Facebook

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए मालवा अभीतक के Facebook पेज को लाइक करें

Shahzad Khan

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.