Layout Style

Full Width Boxed

Background Patterns

Color Scheme

Top Ad unit 728 × 90

Trending

random

पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर अब 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी

शाजापुर। पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर अब 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। गत 8 नवम्बर की सुनवाई में प्रदेश सरकार के अधिवक्ताओं ने दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु सुप्रीम कोर्ट से 2 सप्ताह का समय चाहा गया था।  सपाक्स के नोडल ऑफिसर जॉय शर्मा व डॉ नवलसिंह सिकरवार का आरोप है कि सरकार ने सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी (सपाक्स) के विरोध में मुख्यमंत्री की सार्वजनिक घोषणा के अनुसार अजाक्स के लिए देश के सबसे मंहगे वकील खड़े किए है, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। सरकार राजधर्म का पालन नही करते हुए एक वर्ग विशेष के पक्ष में खड़ी है जबकि प्रकरण में उच्च न्यायालय का फ़ैसला सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व फ़ैसलों के आधार पर ही है और यह भी विदित है कि सर्वोच्च न्यायालय अपने ही पूर्व फ़ैसलों से हटकर कोई निर्णय नहीं करेगा। असंवैधानिक पदोन्नति नियमों से सपाक्स वर्ग के सेवक विगत 14 वर्षों से न्याय से वंचित हैं। इन असंवैधानिक नियमों के बचाव हेतु जिस प्रकार शासन जनता की गाढ़ी कमाई का अपव्यय कर रहा है उससे अब सपाक्स वर्ग के सेवकों के पास समाज के बीच जाने के अलावा कोई विकल्प शेष नही बचा है और समाज की मदद से सपाक्स भी न्याय के लिये देश के बड़े से बड़े वकील मैदान में उतारेगा।
श्री शर्मा ने बताया कि शासन के इस क़दम से न सिर्फ़ प्रदेश में पदोन्नतियाँ रुकी हैं बल्कि हज़ारों सपाक्स वर्ग के सेवक बिना पदोन्नति के सेवनिवृत्त हो रहे हैं। शासन के कई पद पदोन्नति न होने से ख़ाली पड़े हैं जबकि कई पदों पर अस्थाई प्रभार से कार्य चल रहा है जिससे प्रशासनिक सेवाएँ भी प्रभावित हो रही हैं।
*रिवर्ट होंगे अनेक शासकीय सेवक*
श्री शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में सपाक्स के पक्ष में फैंसला आता है तो पूर्व में पदोन्नति में आरक्षण का लाभ लेकर पदोन्नत हो चुके अनेक शासकीय सेवक रिवर्ट होंगे तथा वरिष्ठता के आधार पर ही पदोन्नतियां की जा सकेंगी।
पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर अब 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी Reviewed by Anonymous on 11/22/2016 Rating: 5

Copyright © Malwa Abhi Tak
Devloped By Sai Web Solution

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.