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किसानों को उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए है भावांतर भुगतान योजना - विधायक श्री भीमावद

मुख्यमंत्री श्री चौहान के खुरई मण्डी में दिये गये सम्बोधन का सीधा प्रसारण
मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का शुभारंभ
          शाजापुर, 16 अक्टूबर 2017/ किसानों को फसलों के उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए है भावांतर भुगतान  योजना। यह बात आज विधायक श्री अरूण भीमावद ने जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मण्डी में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान  योजना के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित समारोह में कही। समारोह में जिले के सोयाबीन विक्रेता 15 किसानों को मुख्यमंत्री भावान्तर योजना अन्तर्गत आज कृषि उपज मण्डी में व्यापारियों द्वारा खरीदी की गई सोयाबीन के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के खुरई मण्डी में दिये गये सम्बोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।  इस अवसर पर कलेक्टर श्री श्रीकांत बनोठपुलिस अधीक्षक श्री शैलेन्द्र सिंह चौहानसीसीबी अध्यक्ष श्री शिवनारायण पाटीदार,कृषि उपज मण्डी उपाध्यक्ष श्री पवन सिंह डोडियापूर्व विधायक श्री पुरूषोत्तम चन्द्रवंशीपूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रदीप चन्द्रवंशीमण्डी अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री रमेश पाटीदार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधिगण व किसानबंधु उपस्थित थे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर एवं भगवान बलराम के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। 
          इस मौके पर विधायक श्री भीमावद ने कहा कि प्रदेश में खेती को लाभकारी धंधा बनाने के लिए किसानों हेतु अनेक योजनाए संचालित की जा रही है। किसानों की उत्पादन लागत कम कर अधिक पैदावर बढ़ाने के लिए प्रदेश में तेजी से काम चल रहा है। इसी तारतम्य में किसानों को फसलों का उचित मूल्य मिले इस हेतु भावांतर भुगतान  योजना शुरू की गई है। इस मौके पर उन्होंने जिले के विकास के लिए किए जा रहे कार्यो के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में मौजूद जिला कलेक्टर श्री बनोठपुलिस अधीक्षक श्री चौहानपूर्व विधायक श्री चन्द्रवंशीश्री रमेश पाटीदारश्री शिवनारायण पाटीदारश्री कृष्णकांत कराड़ावैज्ञानिक श्री आर.एस. मिश्रा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि किसानों से इस योजना का भरपूर लाभ उठाने की गुजारिश की गई।
मुख्यमंत्री जी के संबोधन का सीधा प्रसारण
          मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के राज्य स्तरीय शुभारंभ अवसर पर सागर जिले के खुरई में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए गए उदबोधन का सीधा प्रसारण शाजापुर जिले सहित प्रदेश की 257 कृषि उपज मडियों में भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह योजना राज्य सरकार की किसानों को सुरक्षा कवच देने वाली योजना हैजो प्रदेश के हर किसान के लिये वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा दिये गये इस उदबोधन का सीधा प्रसारण कृषि उपज मण्डी में हुए किसान सम्मेलन में एलईडी टीवी के जरिये किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के सभी किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के पडोसी राज्यों के फसलों के भावो का औसत निकालकर प्रदेश में बिक रही फसलों के औसत भाव से तुलना कर एक औसत दर निकाली जायेगी। इस औसत दर से कम दाम अगर किसान को कृषि उपज मण्डी में दिया जायेगा तो भाव के अन्तर की राशि सीधे किसान के खातो में जमा करा दी जायेगी। उन्होने किसानों से अपील की कि वे मण्डी में फसल बेचने के बाद व्यापारियों से हमेशा पक्की रसीद प्राप्त करें और उसपर अपना पंजीयन नम्बर अवश्य लिखवायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पंजीकृत किसान भाई अपनी सोयाबीन की फसल 31 दिसम्बर 2017तक बेच सकते हैतभी उन्हें इस योजना का लाभ मिल सकेगा। जो किसान अपनी फसल नहीं बेचना चाहते है उनके लिये गोदाम भण्डारण अनुदान योजना प्रारम्भ की जायेगी। इस योजना में प्रतिमाह प्रति क्विंटल पर सात रूपये दिये जायेंगे। उन्होने कहा कि किसान भाई किसी भी प्राकृतिक आपदा की दशा में स्वयं को अकेला न समझेंप्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसी को भी लाचार या बेबस नहीं रहने दिया जायेगा। सरकार किसानों को हर जरूरी मदद मुहैया करायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से कहा कि ऐसे किसान जो कृषि से जुड़े हुए उद्योग या व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं उन्हें कृषक युवा उद्यमी योजना के जरिये दस लाख से लेकर दो करोड रूपये तक का ऋणानुदान दिया जायेगा। उन्होने कहा कि अपने खेत में सोलर पंप लगाने के इच्छुक किसानों को मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के अर्न्तगत पांच लाख रूपये तक का ऋणानुदान दिया जायेगा।
क्या है मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना
          प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिये राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना लागू की गई है। योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना सुनिश्चित कराने तथा मण्डी दरों में गिरावट से किसानों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है। इस योजना में किसान द्वारा प्रदेश में अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में चिन्हित फसल उपज बेचने पर राज्य सरकार द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर और केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को भुगतान की जायेगी। खरीफ विपणन वर्ष-2017 में आठ प्रकार की फसलें यथा सोयाबीनमूंगफलीतिल,रामतिलमक्कामूंगउडद एवं तुअर इस योजना के दायरे में आयेंगी।
मॉडल विक्रय दर प्रदेश और दो अन्य राज्यों की मॉडल दर का औसत
          मॉडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश तथा दो अन्य राज्यों की मॉडल दर का औसत रहेगा। सोयाबीन के लिये दो अन्य राज्य महाराष्ट्र और राजस्थानमूँगफली के लिये गुजरात और राजस्थानतिल के लिये उड़ीसा और छत्तीसगढ़रामतिल के लिये पश्चिम बंगाल और राजस्थानमक्का के लिये कर्नाटक और महाराष्ट्रमूँग के लिये राजस्थान और महाराष्ट्रउड़द के लिये राजस्थान और उत्तरप्रदेश तथा तुअर के लिये महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों की मॉडल विक्रय दर ली जायेगी। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों को मध्यप्रदेश में उत्पादित कृषि उत्पाद का विक्रय अधिसूचित मण्डी परिसर में करने पर ही मिलेगा। योजना का लाभ जिले में विगत वर्षों की फसल कटाई प्रयोगों पर आधारित औसत उत्पादकता के आधार पर उत्पादन के सीमा तक दिया जायेगा। योजना में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ और मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा पात्र किसानों को भुगतान किया जायेगा। योजना में किसानों को देय राशि की गणना का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में बेची गई अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम परंतु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में अंतरित की जायेगी। इसी तरह यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गई अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर की अंतर की राशि किसान के खाते में अंतरित की जायेगी। 
लाइसेंसी गोदाम में उपज रखने पर अनुदान
       योजना में पंजीकृत किसानों को उपयुक्त बाजार भाव पर उनकी उपज के विक्रय अवसर प्रदान करने और उचित समय पर फसल बेचने को प्रोत्साहित करने के लिये लाइसेंस प्राप्त गोदामों में कृषि उपज रखने के लिये किसान को अनुदान दिया जायेगा। राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद तुअर के लिये एक मई से 30 अगस्त 2018 तक तथा सोयाबीनमूँगफलीरामतिलमक्का,मूँग और उड़द के लिये एक जनवरी से 30 अप्रैल 2018 तक अनुज्ञप्तिधारी गोदाम में कृषि उत्पाद रखे जाने पर गोदाम किराया किसानों को दिया जायेगा। 
क्रमांक 41/969   
किसानों को उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए है भावांतर भुगतान योजना - विधायक श्री भीमावद Reviewed by Anonymous on 10/16/2017 Rating: 5

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