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कठोर तप-साधना और निश्छल ईश्वर आराधना का प्रमाण है नवाणुं यात्रा-लयस्मिताश्रीजी

नारेलिया परिवार द्वारा पालीताणा तीर्थ पर 99 यात्रा की एतिहासिक पूर्णता पर हुए भव्य कार्यक्रम  
शाजापुर (नि.प्र.)। बचपन में घर-परिवार से मिलने वाले संस्कार जीवन में अखंड रहते हैं, शिक्षा, धन, और स्वस्थ जीवन के साथ सुखी परिवार की आधारशिला संस्कार ही है। जैन धर्म संस्कारों में नवाणुं यात्रा परम पवित्र और आत्मसुख में वृद्धिकारक मानी जाती है जो मनुष्य के कई भवों को तारकर परलोक की गति भी सुधार देती है। एसे ही धर्मयुक्त संस्कार का उत्कृष्ट उदाहरण नारेलिया परिवार के सदस्यगण हैं, जिन्होंने सफल व सकुशल रूप से नवाणुं यात्रा पूर्ण करते हुए तप, साधना और निश्छल ईश्वर आराधना के नए कीर्तिमान रचकर समाज को सार्थक प्रेरणा प्रदान की है।
उक्त आशीर्वचन छत्तीसगढऱत्न शिरोमणी प.पू.गुरूवर्या मनोहरश्रीजी म.सा.की आज्ञानुवर्ती सुशिष्या जैनसाध्वी लयस्मिताश्रीजी म.सा.ने बुधवार को स्थानीय कसेरा बाजार स्थित जैन पोरवाल स्थानक में आयोजित धर्मसभा में उपस्थित समाजजनों को प्रदान किए। इसके पूर्व समाज के सुश्रावक सौरभ नारेलिया, श्रीमती रूचि नारेलिया, श्रीमती सुनिता नारेलिया, अवधि नारेलिया, केवल्य नारेलिया तथा शुभम चौधरी द्वारा बीते 2 माह में प्रसिद्ध जैनतीर्थ पालीताणा गिरीराज की नवाणुं यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर अश्वरथ में बैठाकर तपस्वियों का विशाल वरघोड़ा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से निकाला गया जो पोरवाल स्थानक पहुंचकर धर्मसभा के रूप में सम्पन्न हुआ। यहां अन्य साध्वीगणों के रूप में प.पू.अमीवर्षाश्रीजी, गुणोदयाश्रीजी, जिनवर्षाश्रीजी, नम्रताश्रीजी आदि ठाणा 3 का सानिध्य समाजजनों को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान डॉ.सागरमल जैन ने की तथा स्वागत भाषण श्वेताम्बर जैन समाज अध्यक्ष लोकेन्द्र नारेलिया ने दिया। कार्यक्रम को श्रीमती कुशल धारीवाल, श्रीमती अंगुरबाल नारेलिया, श्रीमती दीक्षिता नारेलिया तथा नवरत्न धारीवाल ने भी संबोधित करते हुए तपस्वी परिवार की आत्मीय अनुमोदना की। इस दौरान समाज के विभिन्न घटकों ने शाजापुर जैन श्रीसंघ के प्रथम पुरूष के रूप में नवाणुं यात्रा का गौरव प्राप्त करने वाले सौरभ नारेलिया सहित उनके साथ यात्रा करने वाले उनकी धर्मपत्नी, पुत्र व पुत्री का अभिनंदन-पत्र भेंटकर बहुमान किया गया। कार्यक्रम का संचालन अजीत जैन ने किया तथा अंत में आभार श्रीमती संगीता भांडावत ने माना। इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक अरूण भीमावद, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती शीतल क्षितिज भट्ट, सकल जैन समाज अध्यक्ष सपन जैन, खरतरगच्छ समाज अध्यक्ष ज्ञानचंद भंसाली, ओसवाल समाज अध्यक्ष लोकेश जैन (बंटी) तथा पोरवाल समाज अध्यक्ष विनोद जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। 
पूर्वजों के पुण्यशाली संस्कारों का मिला प्रतिफल
इस अवसर पर यात्रा के संस्मरण सुनाते हुए सौरभ नारेलिया ने कहा कि परमपिता परमात्मा की असीम कृपा, प.पू.अनुयोगाचार्य प्रवर श्रीवीररत्न विजयजी म.सा.के वरद आशीष तथा भुआ म.सा.विनेन्द्रश्रीजी एवं पुनीतदर्शना श्रीजी की प्रेरणा और मेरे पूर्वजों द्वारा सिंचित पुण्यशाली संस्कारों का प्रतिफल मुझे मेरे परिवार सहित सकुशल यात्रा की सफल पूर्णता के रूप में मिला। अपनी धर्मपत्नी, 11 वर्षीय पुत्री और 5 वर्षीय पुत्र के साथ तीर्थाधिराज की पावन यात्रा करके जिस आत्मसुख की मुझे प्राप्ती हुई है वह अकल्पनीय है और मैं सपरिवार इस ईश्वरीय कृपा का सदैव ऋणी हूं। 
कठोर तप-साधना और निश्छल ईश्वर आराधना का प्रमाण है नवाणुं यात्रा-लयस्मिताश्रीजी Reviewed by Anonymous on 1/13/2018 Rating: 5

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