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मजाक बन रहे मध्यप्रदेश में उपभोकता शिकायत निवारण फोरम ,आधे से ज्यादा जिलों में उपभोक्ता फोरम की नहीं हे व्यवस्था

 आज शाजापुर में भी अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओ ने कलेक्टर श्रीकांत बनोठ को मुख्यमंत्री गृहमंत्री और मुख्य सचिव के नाम उक्त मांगो के लिए ज्ञापन सोपा ग्राहक पंचायत के प्मालवा प्रान्त अध्यक्ष के नेतृत्व में सोपे ज्ञापन में बताया की शोषणमुक्त समाज की रचना के लिए अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत सम्पूर्ण राष्ट्र में कार्यरत हे ग्राहक पंचायत को प्रदेश के ग्राहकों के लिए चिंतित होना पड़ रहा हे क्योकि विगत माह अक्टूबर 2017 से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के द्वारा प्रदेश भर के उपभोक्ता फोरम में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश जो की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे उन्हें पुनः व्यवहार न्यायालय में पद स्थापित कर दिया गया तथा उपभोक्ता फोरमों के लिए सेवा निवृत्त न्यायाधीशों को प्रदेश के उपभोकता फोरमों में अध्यक्ष नियुक्त करने बाबत प्रशासनिक आदेश प्रदान किया गया 
 अक्टूबर 2017 से प्रदेश के समस्त उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरमों में अध्यक्षों की अनुपस्तिथि के कारन न्यायालयीन कार्य में भरी व्यवधान आया हे तथा प्रदेश भर में शिकायतकर्ता ग्राहकों के हजारो प्रकरण सुनवाई के आभाव में अनिश्चितकाल के लिए लंबित हो गए इतने के बाद भी आज दिनांक तक मध्यप्रदेश शासन द्वारा फोरमों में अध्यक्षों की नियुक्ति बाबत कोई गंभीर और ठोस कदम नहीं उठाये हे संभावना हे की फोरमों में अध्यक्षयो की नियुक्ति अप्रेल 2018 तक हो पायेगी तब तक हजारो शिकायतकर्ता ग्राहक न्याय से वंचित रहेंगे जिसे ग्राहकों में सर्कार के खिलाफ गहरा असंतोष उत्पन्न होगा चौकाने वाली बात यह भी हे की मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य के 51 जिलों में से मात्र 22 जिलों में ही फोरम की व्यवस्था हे था कुछ सुदूर जिलों में सप्ताह में एक या दो दिन लिंक कोर्ट के माध्यम से ही कार्य चलाया जाता हे 
जिला संयोजक अजीत पराशर ने बताया की वर्तमान में प्रदेश में प्रचलित उपभोक्ता फोरम  सदस्य की संख्या नहीं होने से न्यायलय का कोरम पूरा ही नहीं हो पता जिससे न्याय व्यवस्था पुती तरह विफल हो गई हे इससे प्रदर्शित होता हे की मध्यप्रदेश शासन प्रदेश के ग्राहकों को अनदेखा करते हुए सौतेला व्यवहार कर रही हे यह स्पष्ट तोर पर जान पड़ता हे की मध्यप्रदेश शासन की मंशा भारतीय संविधान की और उपभोकता संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों के पालन ना कर उसका मखौल उडाया जा रहा हे जबकि ग्राहक संरक्षण अधिनियम 1986 में स्पष्ट प्रावधान किया गया हे की प्रत्येक जिले में एक उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम होगी परन्तु मध्यप्रदेश सरकार ने इसका मजाक बना कर रख दिया हे 
अतः अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने मांग की हे की ग्राहक संरक्षण व् उनके हितो की रक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर चिंता करते हुए फोरमों में नवीन अध्यक्षयो की न्युक्ति की प्रक्रिया संम्पन होने तक विकल्प के रूप में प्रदेश में उपलब्ध ज्ञानवान ,अनुभवी और वरिष्ठ अधिवक्ताओ की फोरम में नियुक्ति कर फोरम के न्यायालयीन कार्य सुचारु रूप से चलकर ग्रहको को रहत प्रदान की जाये साथ ही विशेष मांग यह भी लारती हे की सम्पूर्ण प्रदेश में प्रचलित लिंक कोर्ट व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर प्रत्येक जिले में फोरम की स्थापना की जाये 
प्रान्त अध्यक्ष नरेंद्रमोहन व्यास और जिला संगठक आनंद नागर ने सरकार को चेताते हुए कहा की नेक सलाह और मांगो को मानकर ग्राहक हितेषी और सकारात्मक सरकार की छवि निखारने का करे अन्यथा ग्राहक पंचायत को ग्राहक हिट में शासन के विरुद्ध उग्र आंदोलन पर मजबूर होना पड़ेगा जिसके समस्त जवाबदेही केवल शासन की होगी कलेक्टर श्रीकांत बनोठ को ज्ञापन देने ग्राहक पंचायत मालवा  प्रान्त अध्यक्ष नरेंद्र मोहन व्यास जिला संगठक आनंद नागर सहित राधेश्याम पाटीदार ,बालचंद्र सौराष्ट्रीय ,ओमप्रकाश परमार ,रजनीश महिवाल ,दीपक धानुक ,राहुल वाघेला ,राजेंद्र कारपेंटर , मुनेश गर्ग कार्यकर्ता पहुंचे
मजाक बन रहे मध्यप्रदेश में उपभोकता शिकायत निवारण फोरम ,आधे से ज्यादा जिलों में उपभोक्ता फोरम की नहीं हे व्यवस्था Reviewed by Anonymous on 1/15/2018 Rating: 5

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