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कलेक्टर ने सोयाबीन की फसल का रिंगनीखेड़ा, टिटोड़ीखेड़ा तथा पलसावद आदि में निरीक्षण किया। फसलों की अच्छी स्थिति पाई गई,फली भी लगी थी, साथ ही खबर में देखें अन्य प्रसानिक खबरें

    शाजापुर, 30 अगस्त 2019/ कलेक्टर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने आज ग्राम रिंगनीखेड़ा, टिटोड़ीखेड़ा तथा पलसावद आदि स्थानों पर खेत में जाकर सोयाबीन की फसल का निरीक्षण किया। फसलों की अच्छी स्थिति पाई गई। साथ ही सोयाबीन में भी फलियां लग रही थी। रिंगनीखेड़ा में उन्होंने उपस्थित किसानों से चर्चा कर फसलों की स्थिति की जानकारी भी ली। 
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बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर शाला प्रभारी शिक्षक के विरूद्ध होगी कार्रवाई
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/ 
कलेक्टर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने आज गुलाना क्षेत्र के एकीकृत शाला शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय टिटोड़ीखेड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां शाला प्रभारी सहायक अध्यापक रमजान खान को बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के लिए कहा। यहां एक भी विद्यार्थी विद्यालय में नहीं था। कलेक्टर ने ग्राम पलसावद के शासकीय माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों से विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए आसपास के ग्रामों में पालकों से संपर्क करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने कर्त्तव्य के प्रति जवाबदार बने और इस तरह से अध्यापन कराएं कि निजी विद्यालयों के विद्यार्थी भी शासकीय विद्यालय की ओर आकर्षित होने लगे।
     उल्लेखनीय है कि टिटोड़ीखेड़ा के माध्यमिक विद्यालय में मात्र 12 विद्यार्थी तथा प्राथमिक विद्यालय में केवल 27 विद्यार्थी पंजीबद्ध हैं। इसी तरह पलसावद के माध्यमिक विद्यालय में भी मात्र 31 बच्चे पंजीबद्ध हैं। पलसावद में कलेक्टर ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से अध्यापन की जानकारी ली। साथ ही कलेक्टर ने दुरभाष पर ही जिला परियोजना समन्वयक श्री राजेन्द्र शिप्रे को निर्देश दिये कि टिटोड़ीखेड़ा में पंजीबद्ध बच्चों के रिकार्ड की जांच करें। साथ ही जिन विद्यालयों में बच्चों की संख्या अत्यंत कम है, उनका युक्तियुक्तकरण करने का प्रस्ताव तैयार करें।
क्रमांक 184/1442/चन्देलकर

14 सितम्बर को नेशनल लोक अदालत
विद्युत प्रकरणों के निराकरण पर दी जायेगी छूट
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/ जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा के मार्गदर्शन में 14 सितम्बर 2019 (शनिवार) को प्रातः 11.00 बजे जिला शाजापुर एवं जिला आगर-मालवा की समस्त तहसील व जिला मुख्यालयों पर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा।
     नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के निराकरण पर निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अथवा शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को कुछ नियम एवं शर्तों के अधीन छूट दी जायेगी।
     प्री-लिटिगेशन स्तर पर- कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारित आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट की जायेगी।
     लिटिगेशन स्तर पर- कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारित आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छःमाही चाक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट की जायेगी।
     ऐसे प्रकरणों में जो न्यायालय में विचारधीन है उनमें अभियुक्त विद्युत प्रकरण संबंधी राशि जमा कर सकते हैं। साथ ही ऐसे अभियुक्त जो अनुपस्थित अथवा फरार है वे भी संबंधित क्षैत्रीय कार्यालय में तथा उक्त कार्य दिवस में न्यायालय में उपस्थित होकर राशि जमा कर नेशनल लोक अदालत का लाभ प्राप्त कर अपने प्रकरण को समाप्त कर सकते हैं।
क्रमांक 186/1444/चन्देलकर

अपराधिक गतिविधियों में लिप्त प्रेमनारायण जिला बदर
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/
 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने अपराधिक गतिविधियों में लिप्त सुनेरा थाना क्षेत्र के मझानिया निवासी प्रेमनारायण पिता बिहारीलाल बंजारा उम्र 46 साल को छःमाह के लिए जिला बदर करते हुए शाजापुर एवं सीमावर्ती जिले देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़ तथा सीहोर की राजस्व सीमा से बाहर जाने के आदेश दिए है। जिला दण्डाधिकारी ने निष्कासन आदेश जारी करते हुए आदेशित किया है कि वह प्रतिबंधित अवधि में बिना पूर्व अनुमति के उक्त क्षेत्रों में प्रवेश न करें।
क्रमांक 187/1445/चन्देलकर/राम

नगरीय निकायों के पेंशनरों को भी शासकीय पेंशनरों के समान
महंगाई राहत के आदेश जारी
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/
 राज्य शासन के आदेश के अनुक्रम में संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों के पेंशनरों को भी शासकीय पेंशनरों के समान महंगाई राहत मिलेगी। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। अब नगरीय निकायों के पेंशनरों को भी एक जनवरी 2019 से छठवें वेतनमान में 154 प्रतिशत की दर से एवं सातवें वेतनमान में 12 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत का लाभ प्राप्त होगा।
क्रमांक 188/1446/चन्देलकर

हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देने के प्रावधान होंगे राईट टू हेल्थ में- मंत्री श्री सिलावट
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि राईट टू हेल्थ के माध्यम से प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि राईट टू हेल्थ में ऐसे 42 रोगों पर खास फोकस किया जायेगा जिनसे औसतन कुल अस्वस्थ होने वालों का 95 प्रतिशत होता है। मंत्री श्री सिलावट आज कांफ्रेंस ऑन राईटस् बेस्ड एप्रोच टू हेल्थ को संबोधित कर रहे थे।
     मंत्री श्री सिलावट ने कांफ्रेंस में विशेषज्ञों, चिकित्सकों और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि स्वस्थ प्रदेश बनाना हम सबकी जवाबदारी है। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छा शक्ति और आत्म-विश्वास से हम ऐसा कर पायेंगे। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि राईट टू हेल्थ योजना में हर आदमी को स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि खान-पान आदि का भी स्वास्थ्य से गहरा नाता है। पिछले तीन वर्षों में कैंसर, किडनी और हृदय रोग संबंधी बीमारियों की वृद्धि में मिलावटी खाद्य पदार्थ भी शामिल है।
     मंत्री श्री सिलावट ने कांफ्रेंस में स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों, चिकित्सा विशेषज्ञों, विधि विशेषज्ञों और चिकित्सकों से टेबिल टू टेबिल परिचय प्राप्त कर चर्चा की। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, आयुक्त श्री नीतेश व्यास और संचालक डॉ. जे.विजय कुमार कांफ्रेंस में उपस्थित थे।
क्रमांक 189/1447/चन्देलकर

‘हर घर पोषण का त्यौहार’’ रहेगी टैग लाईन
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/
प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण अभियान में इस वर्ष भी सितंबर माह राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जायेगा। 1 से 30 सितम्बर तक मनाये जाने वाले पोषण माह की टैग लाईन ‘‘हर घर पोषण का त्यौहार’’ रखी गयी है। पूरे माह राज्य, जिला, विकासखण्ड और आँगनवाड़ी स्तर पर पोषण जागरूकता एवं इसे जन-आंदोलन का रूप देने विभिन्न कार्यक्रम होंगे।
     राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य एवं पोषण आवश्यकता के प्रति जागरूकता, गर्भावस्था जाँच और पोषण देखभाल, शीघ्र स्तनपान व्यवहार, सही समय पर ऊपरी आहार और निरन्तरता आदि पर प्रचार-प्रसार कर समुदाय को जागरूक करना है।       इसके अतिरिक्त एनीमिया या शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिये आयरन सेवन एवं खाद्य विविधता संबंधित उपायों तथा पाँच वर्ष तक के बच्चों की शारीरिक वृद्धि निगरानी, किशोरी-शिक्षा, पोषण शिक्षा का अधिकार, सही उम्र में विवाह, सफाई और स्वच्छता की गतिविधियों के माध्यम से पोषण विषय को जन-आन्दोलन का रूप देना है।
     पोषण माह के सफल आयोजन में महिला-बाल विकास विभाग के साथ-साथ नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, उच्च शिक्षा, दूरदर्शन एवं रेडियो, आकाशवाणी तथा डेव्हलपमेंट पार्टनर्स (यूनिसेफ, जीआईजेड डब्ल्यू. डब्ल्यू. एच ब्भ्।प्, पीरामल फाउन्डेशन, एन.आई. ।ब्थ्, न्यूट्रीशन बोर्ड, ल्यूपिन) आदि सहभागी होंगे।
     पोषण माह में होने वाली सभी गतिविधियों की जानकारी केन्द्र सरकार के पोर्टल पर अपडेट की जाएगी तथा वेबसाइट के माध्यम से इसकी रोजाना समीक्षा भी होगी।
क्रमांक 190/1448/चन्देलकर

रेरा म.प्र. में सूचना संचार तकनीकी के उपयोग के अच्छे परिणाम मिले
दिल्ली में चेयरमेन श्री अन्टोनी डिसा ने दिया प्रजेन्टेशन
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019
/मध्यप्रदेश रियल स्टेट रेग्युलरिटी अथॉरिटी (रेरा) के चेयरमेन श्री अन्टोनी डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश में रेरा की कार्य-प्रणाली में सूचना संचार तकनीकी (आई.सी.टी.) के उपयोग अच्छे परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि इस तकनीकी का प्रभावी उपयोग के व्यवसाय प्रक्रिया सुधार के साथ संचालित हुआ है। उन्होंने कहा कि सूचना संचार तकनीकी का रेरा में उपयोग अभी भी ष्कार्य प्रगति पर हैष् के स्तर पर है, जिसे और अधिक लचीला बनाये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभी भी इसमें कुछ कमियाँ है, जैसे पीडीएफ फार्मेट सर्टिफिकेट, पेमेन्ट पोर्टल का एकीकृत नहीं होना, जिन्हें निर्धारित किया जाने की जरूरत महसूस हुई है। श्री डिसा आज नई दिल्ली में आई.आई.एम.टी. के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मध्यप्रदेश में रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में (आई.सी.टी.) सूचना संचार तकनीकी के उपयोग पर प्रेजेन्टेशन दे रहे थे।
     श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में सूचना संचार तकनीकी (आईसीटी) के उपयोग ने न केवल उद्देश्य को पूर्ण किया है बल्कि वह उससे भी आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रेरा के कार्यों में आईसीटी  के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश रेरा ने एक सॉफ्टवेयर विकसित किया। वर्तमान में देश के अनेक राज्यों की रेरा अथॉरिटी के साफ्टवेयर इसी पर बेस्ड है। म.प्र. रेरा इस सॉफ्टवेयर में निरंतर सुधार कर रहा है। उन्होंने एक मोबाइल एप विकसित किये जाने की आवश्यकता भी बताई।
     श्री डिसा ने म.प्र. रेरा में आईसीटी के उपयोग की सफलता के पीछे राजनैतिक इच्छा शक्ति, आईसीटी क्षमता निर्माण, ई-उपार्जन में आईसीटी के उपयोग के अनुभव को मिली जनस्वीकृति और व्यावसायिक सुधार प्रक्रिया के साथ समन्वय को प्रमुख कारक बताया। श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में उपयोग किया जा रहा एम.पी. वेब एप्लीकेशन मुख्यतरू परियोजना, सम्प्रवर्तक, एजेंटस और आवंटियों के इर्द-गिर्द बनाया गया है। यह यूजर फ्रेडंली होने के साथ ही द्विभाषी भी है अर्थात् इस पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में कार्य किया जा सकता है। प्रदेश रेरा में सभी एप्लीकेशन वर्तमान में ऑनलाइन प्राप्त किये जा रहे हैं। साथ ही इस पर सभी तरह का कार्य व्यवहार ष्ट्रेकष् किया जा सकता है।
     रेरा अध्यक्ष श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में आईसीटी के उपयोग के जो फौरी परिणाम प्राप्त हुए हैं उनमें प्रमुखतरू प्रबंधन सूचना तंत्र (एमआईएस) का जनरेशन और डाटाबेस की आसानी से उपलब्धता है। यह तकनीकी समग्र में प्राधिकरण के कार्यों में सुधार लाने और रीयल एस्टेट सेक्टर में व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने में मददगार हो रही है। श्री डिसा ने अपने प्रेजेन्टेशन में बताया कि रेरा के प्रशासन में आईसीटी के उपयोग में कुल मिलाकर क्षमता(गति, गुणवत्ता, मूल्य),  पारदर्शिता (समय पर सूचना की प्राप्ति) और कारण, जिम्मेदारी बोध और भ्रष्टाचार में कमी (व्यक्तिगत या आमने-सामने के सम्पर्क को न्यूनतम करना) शामिल है।
     श्री अन्टोनी डिसा ने कहा कि रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एन्ड डेव्हलपमेन्ट) एक्ट 2016 के सेक्शन 4(3)  और सेक्शन 34 ( बी), (सी) और ( डी) में कार्य सम्पादन में आईसीटी (सूचना संचार तकनीकी) के उपयोग का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का अर्थ ही रियल एस्टेट प्रोजेक्टस के पंजीयन और पर्यवेक्षण, रियल एस्टेट एजेन्टस को लायसेंस प्रदाय और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण में आईसीटी का उपयोग है। जिसे मध्यप्रदेश में सफलता से किया जा रहा है। श्री डिसा ने प्रेजेन्टेशन में वर्तमान में म.प्र. रेरा में रियल एस्टेट परियोजनाओं ऑनलाइन पंजीयन, पंजीकृत प्रकरण में उपभोक्ताओं को राहत, शिकायतों के समाधान में आई.सी.टी. के उपयोग के आँकड़ों को भी दर्शाया।
क्रमांक 191/1449/चन्देलकर

युवाओं में पर्यावरण चेतना संबंधी ’’वाइल्ड विज़डम क्विज़ 2019’’ के लिये पंजीयन 15 सितम्बर तक
रेरा अध्यक्ष अंटोनी डिसा ने की विद्यार्थियों से शामिल होने की अपील
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/
विश्व प्रकृति निधि भारत (डब्लूडब्लूएफ) द्वारा युवाओं में पर्यावरण चेतना जागृत करने के उद्देश्य से एशिया का सबसे बड़ा ‘‘वाइल्ड विज़डम क्विज़ 2019‘‘ किया जा रहा है। स्कूली विद्यार्थियों के लिये प्रतियोगिता तीन वर्गों में की जा रही है। प्रतियोगिता की थीम ‘‘अपने ग्रह की खोज’’ है। क्विज़ में पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितम्बर 2019 है। विद्यालय  <http:@@quiz-wwfindia.org@wwq@senior-aspx> लिंक पर जाकर पंजीयन कर सकते हैं। डब्लू डब्लू एफ-इण्डिया, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ इकाई सलाहकार समिति तथा रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों से क्विज़ में भाग लेने की अपील की है।
     पहले वर्ग में  कक्षा 3 से 5, द्वितीय वर्ग में कक्षा 6 से 8 एवं तृतीय वर्ग में लिखित प्रतियोगिता तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिये ऑनलाइन क्विज़ होगी।  सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को “सर डेविड एटेनबग ” द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण -पत्र दिये जायेंगें। राज्य स्तर की प्रतियोगिता अक्टूबर, 2019 में भोपाल में होगी। राज्य स्तर की विजेता टीम राष्ट्रीय स्तर पर नवम्बर, 2019 में दिल्ली में क्विज़ में भाग लेंगी।
      अन्टोनी डिसा ने कहा है कि यह क्विज़ एक अच्छे कल और पर्यावरण चेतना को जागृत करने में निश्चित ही सहायक सिद्ध होगा। यह क्विज़ ऐसा माध्यम है जिससे बच्चों को न सिर्फ प्रकृति एवं वन्य-प्राणियों के बारे में जानकारी मिलती है बल्कि उनमें आज की पर्यावरणीय समस्याओं एवं चुनौतियों को समझते हुए संरक्षण नेतृत्व क्षमता का विकास भी होता है।
     डायरेक्टर, पर्यावरण शिक्षा शाखा, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ-इण्डिया, नई दिल्ली श्रीमती राधिका सूरी ने कहा कि यह क्विज़ सिर्फ एक प्रतियोगिता न होकर विद्यार्थियों को जैव-विविधता के बारे में जागरूक करने का जरिया है। विश्व प्रकृति निधि की राज्य संचालक श्रीमती संगीता सक्सेना ने कहा कि हमारे प्रदेश के बच्चों के लिए यह क्विज़ एक ऐसा मंच हैं जहाँ उन्हें प्रकृति, पर्यावरण, वन्य-प्राणी एवं जैव-विविधता के बारे में व्यापक रूप में जानकारी प्राप्त होती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में मध्यप्रदेश के विजेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम पाँच में स्थान बनाया है।
यह क्विज़ गत 12 वर्षों से निरंतर की जा रही है। क्विज़ में इस वर्ष सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया पैसिफिक रीजन,युनाइटेड किंगडम, साउथ अमेरिका, नेपाल और भूटान सहित 7 देशों के लगभग 70 हजार विद्यार्थी और 11 हजार स्कूल के भाग लेने की संभावना है।
क्रमांक 192/1450/चन्देलकर

31 अगस्त को निर्धारित से अतिरिक्त समय तक खुलेंगे केश काउन्टर
     शाजापुर, 30 अगस्त 2019/
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा गैर घरेलू एवं इंडस्ट्रियल पॉवर के बकाया राशि वसूली के सघन प्रयास किये जा रहे हैं। सभी मैदानी अधिकारियों को बकाया राशि की वसूली के निर्देश दिये गये हैं।
कंपनी ने बकायादारों पर प्रभावी डिस्कनेक्शन की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि काटे गये कनेक्शनों की रात्रि में चेकिंग की जाए ताकि बकायादार उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग न करें। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध बिजली अधिनियम-2003 की धारा 138 का प्रकरण बनाया जाए। कंपनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि टीम भावना से कार्य कर लक्ष्य की प्राप्ति करें।
     कंपनी ने बकायादार बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली कनेक्शन विच्छेदन की अप्रिय कार्यवाही से बचने के लिए विद्युत बिलों का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करें। कम्पनी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर संभागों और संचारण-संधारण संभागों में राजस्व संग्रहण के लिए केश काउन्टर 31 अगस्त को निर्धारित समय से अतिरिक्त समय तक खोलने की व्यवस्था करें।
     कंपनी के द्वारा बकायादारों के विरूद्ध बड़े स्तर पर बिजली कनेक्शन विच्छेदन की कार्यवाही में “आपरेशन एवं मेंटेनेंस“ अमले के साथ “विजिलेंस“ को भी जोड़ा है। बिजली उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि बिजली वितरण कंपनी के कार्मिकों द्वारा बिजली बिल के भुगतान की रसीद मांगे जाने पर उन्हें रसीद अवश्य दिखाएं, जिससे बिजली उपभोक्ताओं को अनावश्यक असुविधा न हो।
क्रमांक 193/1451/चन्देल
कलेक्टर ने सोयाबीन की फसल का रिंगनीखेड़ा, टिटोड़ीखेड़ा तथा पलसावद आदि में निरीक्षण किया। फसलों की अच्छी स्थिति पाई गई,फली भी लगी थी, साथ ही खबर में देखें अन्य प्रसानिक खबरें Reviewed by malwaabhitak on 8/30/2019 Rating: 5

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